Biography Of Pranav Mukherji | प्रणव मुखर्जी जीवनी व अनमोल विचार [Updated- 2022]

Biography Of Pranav Mukherji | प्रणव मुखर्जी जीवनी व अनमोल विचार

Biography Of Pranav Mukherji | प्रणव मुखर्जी जीवनी व अनमोल विचार
Biography Of Pranav Mukherji | प्रणव मुखर्जी जीवनी व अनमोल विचार

 

नमस्कार पाठकों, आज हमारे देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का जन्मदिन है। सबसे पहले हमारे तरफ से इन्हें तहे दिल से जन्म दिन की ढेरों शुभकामनाएं। ऐसे खास मौका पर हम आपके साथ इनके जीवन से जुडी खास बातें इस (Biography Of Pranav Mukherji | प्रणव मुखर्जी जीवनी व अनमोल विचार) पोस्ट के माध्यम से शेयर  रहा हूँ। साथ प्रणव मुखर्जी के द्वारा कहे गए कुछ विचारों को भी साझा कर रहा हूँ। आशा करता आज का यह लेख आपकों बेहद पसंद आएगा।

आगे भी ऐसे ही हिंदी लेखों को पढने के लिए आप आप “अनमोलसोच डॉट इन” का बिलकुल मुफ्त ईमेल सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं। अगर आप टेलीग्राम यूजर हैं तो आप इस पोस्ट के अंत में दिए गए लिंक से आप हमारे टेलीग्राम चैनल से भी जुड़ सकते हैं और सभी नयें लेखों की जानकारी आप सबसे पहले प्राप्त कर सकते हैं। तो चलिए हम प्रणव मुखर्जी के बारे में विशेष जानकारी प्राप्त करते हैं।

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के बारे में संक्षिप्त विवरण (Brief description about President Pranab Mukherjee):- 

[wptb id=1867]

प्रणव मुखर्जी जी का प्रारंभिक जीवन (Early Life of Pranab Mukherjee):-

पाठकों, प्रणव मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में किरनाहर शहर के निकट स्थित मिराती गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में कामदा किंकर मुखर्जी और राजलक्ष्मी मुखर्जी के यहाँ हुआ था। उनके पिता 1920 से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय होने के साथ पश्चिम बंगाल विधान परिषद में 1952 से 64 तक सदस्य और वीरभूम (पश्चिम बंगाल) जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके थे। उनके पिता एक सम्मानित स्वतन्त्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन की खिलाफत के परिणामस्वरूप 10 वर्षो से अधिक जेल की सजा भी काटी थी।

आप पढ़ रहे हैं:- Biography Of Pranav Mukherji | प्रणव मुखर्जी जीवनी व अनमोल विचार

प्रणव मुखर्जी ने वीरभूम के सूरी विद्यासागर कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की, जो उस समय कलकत्ता विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था। कलकत्ता विश्वविद्यालय से उन्होंने इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर के साथ साथ कानून की डिग्री हासिल की। वे एक वकील और कॉलेज प्राध्यापक भी रह चुके हैं। उन्होंने पहले एक कॉलेज प्राध्यापक के रूप में और बाद में एक पत्रकार के रूप में अपना कैरियर शुरू किया। वे बाँग्ला प्रकाशन संस्थान देशेर डाक (मातृभूमि की पुकार) में भी काम कर चुके हैं। प्रणव मुखर्जी बंगीय साहित्य परिषद के ट्रस्टी एवं अखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष भी रहे चुके थे।

प्रणव मुखर्जी के प्रमुख कथन (Quotes of Pranav Mukherji):- 

  • व्यक्ति अपने जीवन का स्वयं मालिक होता है, उसे जीवन को स्वयं की इच्छा अनुसार जीना चाहिए।

A person is the master of his own life, he should live life according to his will.

  • संगठन में शक्ति है , एक संगठित समाज ही राष्ट्र को परिवर्तन के मार्ग पर ले जा सकती है। 

There is power in organization, only an organized society can take the nation on the path of change.

  • सब कुछ जानते समझते हुए भी मैं अपनी निष्ठा के साथ कार्य कर रहा हूं, मेरी निष्ठा ही मुझे एक पार्टी से बांधे हुए है।

Knowing everything, I am working with my integrity, my loyalty is what binds me to one party.

  • जीवन में सफल बनाने के लिए आत्मसम्मान को बेचने की आवश्यकता नहीं।

There is no need to sell self esteem to be successful in life.

  • राष्ट्र के लिए केवल राजनीतिक पार्टियां ही कार्य नहीं करती बल्कि कितनी ही सामाजिक संगठन नींव का कार्य कर रही है। ऐसे संगठन ही राष्ट्र की उन्नति में अहम योगदान निभाते हैं।

Not only political parties work for the nation, but many social organizations are doing the work of foundation. Such organizations play an important role in the progress of the nation. 

आप पढ़ रहे हैं:- Biography Of Pranav Mukherji | प्रणव मुखर्जी जीवनी व अनमोल विचार

  • दोस्ती और दुश्मनी का अपना स्थान होता है। दोनों अपने समय से निभाया जाना चाहिए।

Friendship and enmity have their place. Both should be performed on their own time.

  • देश को सदैव सशक्त नेतृत्व की जरूरत थी। कुछ समय से देश को मजबूत नेतृत्व मिला है।

The country always needed a strong leadership. For some time the country has got a strong leadership.

  • समर्पण पार्टी के प्रति हो सकती है, किसी व्यक्ति के प्रति नहीं।

Surrender can be towards the party and not towards any individual.

  • समस्या कितनी भी बड़ी क्यों ना हो, समाधान हिंसा नहीं हो सकता।

No matter how big the problem, the solution cannot be violence.

  • भूख और गरीबी से बढ़कर कोई अपमान नहीं हो सकता।

There can be no greater humiliation than hunger and poverty.

  • किसी भी प्रकार के दबाव में रहकर, मैं कार्य नहीं कर सकता, मैं आजाद सोच वाला हूं और आजाद रहकर ही कार्य करना चाहता हूं।

I cannot work under any kind of pressure, I am free minded and want to work by being free.

  • राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए, पार्टी की विचारधारा से ऊपर उठना पड़ेगा, फिर राष्ट्र पूरे विश्व में एक मिसाल पेश करेगा। लोग फिर आपको सम्मान देंगे और आप का अनुकरण करेंगे।

To work in the interest of the nation, one has to rise above the ideology of the party, then the nation will set an example in the whole world. People will then respect you and emulate you.

  • जीवन में कभी-कभी समझौता करना भी लाभदायक होता है। आधुनिक राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक का सहयोग अपेक्षित है। एक सशक्त लोकतंत्र तभी मजबूत हो सकता है। जब लोगों के इरादा मजबूत हो।

Sometimes compromise is beneficial in life. The cooperation of every citizen is required in the building of a modern nation. Only then can a strong democracy be strong. When people’s intentions are strong.

आप पढ़ रहे हैं:- Biography Of Pranav Mukherji | प्रणव मुखर्जी जीवनी व अनमोल विचार

  • राष्ट्र को विकसित बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति तक अन्न की आपूर्ति होनी चाहिए।

To make the nation developed, there should be a supply of food to every person.

  • मैं अपने भाग्य और मिली हुई खुशियों से सदैव संतुष्ट रहता हूं। लोगों की आलोचना के बजाय मैं अपने कार्य में व्यस्त रहता हूं।

I am always satisfied with my luck and happiness. Instead of criticizing people, I keep busy with my work.

  • मुझे विरासत में संस्कारों के सिवा कुछ प्राप्त नहीं हुआ। मैं अपने पीछे विरासत छोड़कर नहीं जाऊंगा। जो भी है राष्ट्र का है राष्ट्र के लिए ही है।

I did not receive anything except the sacraments in inheritance. I will not leave behind a legacy. Whatever belongs to the nation is for the nation.

  • व्यक्ति का आचरण ऐसा होना चाहिए कि बुरे समय में दुश्मन भी हाथ थामने को आतुर हो। वास्तव में देश की अर्थव्यवस्था का स्तर कुछ अलग होना चाहिए था , दागदार छवि और अकुशल नेतृत्व ने मार्ग में बाधा उत्पन्न ने किया।

The conduct of a person should be such that in bad times even the enemy is eager to hold hands. In fact, the level of the economy of the country should have been different, tainted image and inefficient leadership created hurdles in the way.

  • राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए गरीब से गरीब व्यक्ति को सशक्त होना पड़ेगा और सुनिश्चित करना होगा। वह राष्ट्र को उन्नति का मार्ग दिखाए।

To empower the nation, the poorest of the poor have to be empowered and ensure that. He should show the path of progress to the nation.


प्रिय पाठकों, आशा करता हूँ आपको यह लेख पसंद आई होगी। हम आगे भी ऐसे ही लेख हर रोज आपके लिए लाते रहेंगे। अगर आप भी लिखने के शौक़ीन हैं और अपने विचार दुनिया के कोने कोने तक पहुँचाना चाहते हैं तो आप इस वेबसाइट के द्वारा पहुंचा सकते हैं। अपने लेखों को आप हमारे ईमेल पता पर भेज सकते हैं। हमारा ईमेल पता हैं :- [email protected]


धन्यवाद् !

Also Read Here:-

  1. Rishi Sunak Biography in Hindi: ऋषि सुनक कौन है, जीवन परिचय, [Wife, Nett worth, Caste, Nationality]
  2. Sushant Singh Rajput | Sushant Singh Rajput Biography | सुशांत सिंह राजपूत
Rate this post
Sharing Is Caring:

नमस्कार दोस्तों, मैं "Raju Kumar Yadav" Blogger, Content Writer, Web Developer और YouTuber हूँ। आप हमारे इस ब्लॉग पर इनफार्मेशनल, प्रसिद्ध हस्तियाँ, मनोरंजन, सेहत और सुंदरता आदि पर आधारित लेखों को पढ़ सकते हैं।


Leave a Comment