गांधी जयंती विशेष- महात्मा गांधी के 51 अनमोल सुविचार

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गांधी जयंती विशेष- महात्मा गांधी के 51 अनमोल सुविचार 2

आप सभी को अनमोल-सोच डॉट इन के तरफ से गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। करमचन्द गांधी जिन्हें महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है, भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एप्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे।

जन्म: 2 अक्तूबर 1869, पोरबंदर, भारत
मृत्यु 30 जनवरी 1948, नई दिल्ली, भारत

पत्नी: कस्तूरबा गांधी विवा. 1883-1944) अभिभावक: करमचंद गांधी पिता, पुतलीबाई गांधी (माता)

बच्चे: हरिलाल मोहनदास गांधी, रामदास गांधी, मणिलाल गांधी, देवदास गांधी शिक्षा: UCL Faculty of Laws 18881891 मोहनदास गाँधी हाई विद्यालय (1887), समलदास आर्ट्स कॉलेज, लंदन विश्वविद्यालय

व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है।
~ महात्मा गाँधी

मेरा जीवन मेरा सन्देश है।
~ महात्मा गाँधी

एक कायर प्यार का प्रदर्शन करने में असमर्थ होता है, प्रेम बहादुरों का विशेषाधिकार है।
~ महात्मा गाँधी

मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।
~ महात्मा गाँधी

कर्म प्राथमिकताओं को व्यक्त करता है।
~ महात्मा गाँधी

किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है।
~ महात्मा गाँधी

राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है।
~ महात्मा गाँधी

पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं।
~ महात्मा गाँधी

प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है।
~ महात्मा गाँधी

प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है।
~ महात्मा गाँधी

मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?
~ महात्मा गाँधी

सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचाता जो उचित हो।
~ महात्मा गाँधी

आप तब तक यह नहीं समझ पाते की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते।
~ महात्मा गाँधी

स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना।
~ महात्मा गाँधी

ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो। ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो।
~ महात्मा गाँधी

एक राष्ट्र की संस्कृति उसमे रहने वाले लोगों के दिलों में और आत्मा में रहती है।
~ महात्मा गाँधी

जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग की ही हमेशा विजय होती है। कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं, और कुछ समय के लिए वो अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है। इसके बारे में सोचो- हमेशा।
~ महात्मा गाँधी

अपने प्रयोजन में दृढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है।
~ महात्मा गाँधी

सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है, वह आत्मनिर्भर है।
~ महात्मा गाँधी

एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है।
~ महात्मा गाँधी

विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है।
~ महात्मा गाँधी

मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों के।
~ महात्मा गाँधी

हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें. हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा।
~ महात्मा गाँधी

मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ।
~ महात्मा गाँधी

आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता।
~ महात्मा गाँधी

एक धर्म जो व्यावहारिक मामलों के कोई दिलचस्पी नहीं लेता है और उन्हें हल करने में कोई मदद नहीं करता है वह कोई धर्म नहीं है।
~ महात्मा गाँधी

अपने प्रयोजन में द्रढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है।
~ महात्मा गाँधी

आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी।
~ महात्मा गाँधी

चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए संकल्प करें कि- मैं दुनिया में किसी से डरूंगा। नहीं.-मैं केवल भगवान से डरूं। मैं किसी के प्रति बुरा भाव ना रखूं। मैं किसी के अन्याय के समक्ष झुकूं नहीं। मैं असत्य को सत्य से जीतुं। और असत्य का विरोध करते हुए, मैं सभी कष्टों को सह सकूँ।
~ महात्मा गाँधी

चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता, और वह जिसे ईश्वर में थोडा भी यकीन है उसे किसी भी चीज के बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए।
~ महात्मा गाँधी

थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।
~ महात्मा गाँधी

गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये गए प्रयत्न में निहित है, ना कि उसे पाने में।
~ महात्मा गाँधी

विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है।
~ महात्मा गाँधी

एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है।
~ महात्मा गाँधी

आदमी अक्सर वो बन जाता है जो वो होने में यकीन करता है। अगर मैं खुद से यह कहता रहूँ कि मैं फ़लां चीज नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद सचमुच वो करने में असमर्थ हो जाऊं। इसके विपरीत, अगर मैं यह यकीन करूँ कि मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा लूँगा, भले ही शुरू में मेरे पास वो क्षमता ना रही हो।
~ महात्मा गाँधी

दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में।
~ महात्मा गाँधी

पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।
~ महात्मा गाँधी

सात घनघोर पाप: काम के बिना धन;अंतरात्मा के बिना सुख;मानवता के बिना विज्ञान;चरित्र के बिना ज्ञान;सिद्धांत के बिना राजनीति;नैतिकता के बिना व्यापार ;त्याग के बिना पूजा।
~ महात्मा गाँधी

निरंतर विकास जीवन का नियम है, और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत स्थिति में पंहुचा देता है।
~ महात्मा गाँधी

प्रार्थना माँगना नहीं है। यह आत्मा की लालसा है। यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है।
~ महात्मा गाँधी

हर रात, जब मैं सोने जाता हूँ, मैं मर जाता हूँ। और अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, मेरा पुनर्जन्म होता है।
~ महात्मा गाँधी

जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है।
~ महात्मा गाँधी

अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है।
~ महात्मा गाँधी

हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा।
~ महात्मा गाँधी

आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते।
~ महात्मा गाँधी

ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों।
~ महात्मा गाँधी

मौन सबसे शाशाक्त भाषण है. धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।
~ महात्मा गाँधी

विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है।
~ महात्मा गाँधी

पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है. किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी।
~ महात्मा गाँधी

निरंतर विकास जीवन का नियम है , और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत इस्थिति में पंहुचा देता है।
~ महात्मा गाँधी

जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है. वह सबके भीतर है।
~ महात्मा गाँधी

हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वो कुछ और नहीं बस उस चीज का प्रतिबिम्ब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं।
~ महात्मा गाँधी

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