खुदा ने सबको खास बनाया

आज लगभग 10 साल बाद मुझे अपने गाँव के पास में ही एक मेले में जाने का मौका मिला. अच्छा लगा पर दस साल पहले की तरह उस मेले में भीड़ नहीं थी. पहले की तुलना में काफी कम लोग आयें हुए थे.सोचे की मेले में इतने दिन बाद आयें है तो कुछ खा लेते हैं. एक बहुत ही पुरानी और नामी जलेबी के दुकान पर खाने बैठे. दुकान वालें ने एक कागज के पन्ने पर जलेबी खाने को दिया,जलेबी खाते खाते मेरी नजर उस कागज के टुकड़े पर पड़ी. जिसमें बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था

खुदा ने हम सबको ख़ास बनाया……

WhatsApp Image 2019 01 26 at 6.39.39 PM e1548508748995
image credit to Pixabay.com

जब पूरा अध्ययन किया तो अच्छा लगा. मुझे लगा की मुझे ये बात अपने पाठको, और मित्रों तक भी शेयर करना चाहिए तो मैंने anmolsoch.in पर लिख दिया.

आप जानते हैं की सबके हाथों की लकीरे एक-सी नहीं होती. इसीलिए यह भी कह सकते हैं की सबके कर्म एक दुसरे से भिन्न होते हैं.भाग्यवादी मान सकते हैं की हर इंसान का भाग्य भी इसी वजह से भिन्न भिन्न होता है.हालाकि ली ये भी बात कहा जाता है की एक ही शक्ल के सात इंसान इस दुनिया में मिलते हैं लेकिन उनमें भी पूरी समानता नहीं हो सकती.समान दिखने वाले बच्चो में भी कोई न कोई फर्क जरुर होता हैं.अगर यह सब हम जानते हैं तो यह क्युओं नहीं मान पाते हैं की हम सबसे अलग हैं. आप चाहे तो इसे अनूठा भी कह सकते हैं.

WhatsApp Image 2019 01 26 at 6.28.01 PM
image credit to Pixabay.com

एक बार मैंने एक महापुरुष का कथन पढ़ा था.जिसका आशय कुछ यूँ था- अगर कोई दो लोग किसी चित्र को देख रहे हैं तो, उनका अवलोकन अथवा उनका परिचय भी एक सा नहीं होगा.जब नजर अलग तो नजरिया भी अलग ही होगा. ये जाहिर सी बात है.यह भिन्ता कोई रेखा नहीं है जो खांचे बनाती है.यह केवल एहसास कराने के लिए है की हर इंसान कुछ अलग कर सकता है.उसे किसी के पीछे चलने या नक़ल करने की जरुरत नहीं.ना ही इस इत्मीनान में बैठ जाना ही ठीक होगा की- और लोग कर तो रहे हैं.

हम क्या कर रहे हैं, यह अहम् है.क्या हमने इस पल का अपना कर्तव्य पूरा किया? क्या हम ने अपनी भूमिका निर्धारित कर ली है?इन दोनों प्रश्नों के बीच कई प्रश्नों का अंतर है, जो बीच में आयेंगे और हमें खाश पहचान तक ले जायेंगे. जो हमें इस दुनिया में अपने काम से परिचित करवाएंगे.

इन प्रश्नों के जरिये पड़ताल उन लोगों पर विशेष रूप से लागू होती है, जो इस जगत में अपनी भूमिका को लेकर खास संजीदा नहीं हैं. जिन्हें लगता है की यह जान पाना आसान नहीं की हम क्या करें? अगर गौर से विचार करें.और अपने जीवन को अहम् माने तो जान जायेंगे की हम सब यहाँ इस दुनिया को बेहतर बनाने आये हैं.ओ सारे काम इस दक्षता से करने आये है, ताकि इस गृह पर सदियों सदियों तक जीवन बना रहे.इंसान यूँ ही फलता-फूलता रहे.

आप अपना राय इस पोस्ट पर जरुर दें, की आपको हमारा ये पोस्ट कैसा लगा. अच्छा लगे तो शेयर जरुर कर दें.

अगर आपके पास Hindi में कोई article, Inspirational Story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी E-mai Id है- [email protected] .

पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ “अनमोल-सोच डॉट कॉम पर प्रकाशित “ करेंगे.

Thanks!

लेखिका:- रचना समंदर जी.

Rate this post
Sharing Is Caring:

नमस्कार दोस्तों, मैं "Raju Kumar Yadav" Blogger, Content Writer, Web Developer और YouTuber हूँ। आप हमारे इस ब्लॉग पर इनफार्मेशनल, प्रसिद्ध हस्तियाँ, मनोरंजन, सेहत और सुंदरता आदि पर आधारित लेखों को पढ़ सकते हैं।


Leave a Comment